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Kiran Hindi Bhasha and Sahitya (2927)
Contents:
भाग-क) हिन्दी भाषा और नागरी लिपि का इतिहास
प्राचीन हिंदी
अपभ्रंश
अपभ्रंश भाषा का विकास
अपभ्रंश का व्याकरण एवं उसके प्रयोग
अवहट्ट
व्याकरण
प्रारंभिक हिंदी
व्याकरण
मध्यकालीन हिंदी
ब्रजभाषा
ब्रज काव्य
अवधी
सिद्ध नाथ साहित्य, खुसरो साहित्य, संत साहित्य, रहीम आदि कवियों और दक्खिनी हिंदी में खड़ी बोली का प्रारंभिक
स्वरुप
सिद्ध नाथ साहित्य
नाथ साहित्य
खुसरो साहित्य
संत साहित्य
रहीम के दोहे
दक्खिनी हिंदी
आधुनिक हिंदी
खड़ी बोली
हिंदी भाषा और नागरी लिपि का मानकीकरण
स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान राष्ट्रभाषा के रूप में
हिंदी का विकास
भारतीय संघ की राजभाषा के रूप में हिंदी का विकास
हिंदी भाषा का वैज्ञानिक एवं तकनीकी विकास
हिंदी भाषा की बोलियाँ और उनका परस्पर संबंध
बोली और भाषा में अन्तर
नागरी लिपि की मुख्य विशेषताएँ और उनके सुधार के प्रयास तथा मानक हिंदी का स्वरूप
देवनागरी लिपि की विशेषताएँ:
देवनागरी की सीमाएँ
नागरी के मानकीकरण के लिए सुझाव
हिंदी भाषा का मानकीकरण
भाषा के मानकीकरण की प्रक्रिया
हिंदी के मानकीकरण के चरण
भाषा या बोली का चयन
आत्मसात करना
विस्तार करना
मानक हिंदी की शब्द-रचना
भाग-ख) हिन्दी साहित्य का इतिहास 37-256
हिन्दी साहित्येतिहास लेखन की परंपरॅा तथा हिन्दी की प्रासंगिकता और महत्व
साहित्य का इतिहास क्या है?
हिन्दी साहित्येतिहास दर्शन
साहित्येतिहास: विविध इतिहास-दृष्टियाँ
हिन्दी साहित्येतिहास लेखन की परंपरा
प्रथम व्यवस्थित इतिहास
साहित्योतिहास की प्रासंगिकता
वर्तमान परम्परा की चुनौतियाँ
राजनीतिक प्रतिक्रिया
मनुष्य एवं समाज
हिन्दी साहित्य : काल-विभाजन
आदिकाल (1000 - 1400 ई.)
आदिकाल : परिचय
आदिकाल का नामकरण
अपभ्रंश काव्य
आदिकाल: परिस्थतियाँ, प्रवृत्तियाँ व विशेषताएँ
भक्तिकाल (पूर्व मध्यकाल) 1400-1700 ई
"भक्ति" की अवधारणा
निर्गुण और सगुण भक्तिधारा
निर्गुण धारा अथवा ज्ञानाश्रयी शाखा : संत कबीर
रैदास, नानक, दादू और मलूकदास
निर्गुण धारा अथवा प्रेमाश्रयी शाखा : जायसी
सगुण धाराए रामाश्रयी शाखा : गोस्वामी तुलसीदास
तुलसी काव्य की भाषा
रचनाओं में जीवन के विविध पक्ष
तुलसी की सगुण उपासना
रामचरितमानस
सगुण धारा, कृष्णाश्रयी शाखा : सूरदास
भ्रमरगीत की विशेषता
उत्तर मध्यकाल (रीतिकाल) 1700-1900 ई
"रीति" शब्द से अभिप्राय
रीतिकाल का नामकरण
साहित्य रीतिकालीन : प्रमुख प्रवृतियाँ व विशेषताएँ
रीतिकाल के प्रमुख कवि
बिहारी
घनानंद
रीतिकालीन काव्य की भाषा
आधुनिक काल (भारतेन्दु युग) 1850-1900 ई
आधुनिक कालरू परिचय
भारतेन्दु हरिश्चंद्र
अन्य विधाओं का विकास
साम्राज्य विरोधी भावना और स्वदेश प्रेम
भाषा और शैली
भारतेन्दु मंडल
द्विवेदी युग (1900-1920 ई.)
द्विवेदी युगरू परिचय
प्रवृतियाँ और विशेषताएँ
द्विवेदी जी की शैली
द्विवेदी जी का खड़ी बोली के विकास में योगदान
द्विवेदी जी का साहित्यिक योगदान
उपलब्धियाँ और सीमाएँ
छायावाद (1920-1936 ई.)
"छायावाद" का आशय व परिभाषा
छायावादरू प्रमुख प्रवृत्तियाँ व विशेषताएँ
छायावादी कविरू जयशंकर प्रसाद
सूर्यकान्त त्रिपाठी "निराला”
सुमित्रनन्दन पन्त
महादेवी वर्मा (1907-1987)
डॉ. रामकुमार वर्मा
मोहनलाल महतो "वियोगी"
प्रगतिवाद (1936-1943 ई.)
प्रगतिवाद : परिचय
प्रगतिवाद की विशेषताएँ
शोषक शत्तिफ़यों की पहचान और उनका विरोध
प्रयोगवाद और नयी कविता (1943-1960 ई.)
प्रयोगवादरू परिचय
प्रयोगवाद की विशेषताएँ
नई कविता की प्रमुख प्रवृत्तियाँ
नई कविता के प्रमुख कवि
अकविता, समकालीन कविता और नवगीत
अकविता
समकालीन कविता
नवगीत
हिन्दी गद्य का इतिहास
हिन्दी गद्य का उद्भव और विकास
कहानी : उद्भव और विकास
प्रारम्भिक युग
प्रसाद-प्रेमचन्द युग
वर्तमान युग
निष्कर्ष
उपन्यासरू उद्भव और विकास
प्रारम्भिक युग या भारतेन्दु युग
द्विवेदी युग
प्रेमचन्द युग
प्रेमचन्दोत्तर युग
नाटक व रंगमंचरू उद्भव और विकास
भारतेन्दु-युगीन नाटक
प्रसादयुगीन नाटक
प्रसादोत्तर-युगीन नाटक
स्वातं=योत्तर युग
रंगमंच का विकास
निबंध : उद्भव और विकास
भारतेन्दु युग
द्विवेदी युग
शुक्ल युग
शुक्लोत्तर युग
एकांकी : उद्भव और विकास
भारतेन्दु-द्विवेदी युग
प्रसाद युग
प्रसादोत्तर युग
स्वातं=योत्तर युग
आलोचनारू उद्भव और विकास
भारतेन्दु युग
द्विवेदी युग
शुक्ल युग
शुक्लोत्तर युग
प्रगतिवादी युग
प्रमुख आलोचक
हजारी प्रसाद द्विवेदी : आलोचना-दृष्टि
इतिहास और परम्परा
व्यक्ति और समाज
आलोचना कर्म
डॉ. नगेन्द्र : आलोचना दृष्टि
अनुभूति और अभिव्यक्ति
व्यक्तिगत आत्मा की पीड़ा
व्यावहारिक आलोचना
डॉ. रामविलास शर्मा : आलोचना दृष्टि
व्यावहारिक समीक्षा
जीवनी
आत्मकथा
रेखाचित्र
संस्मरण
द्विवेदी युग
छायावादोत्तर युग
समकालीन युग
रिपोर्ताज
आरम्भिक युग
स्वातंत्र्योत्तर युग
काव्य खंड 133
पद्मावत (मलिक मुहम्मद जायसी)
भ्रमरगीत सार (सूरदास)
सूरदास : व्यक्तित्व एवं कृतित्व
सूरदास की भक्ति
सूरदास की रचनाएँ
भक्तिकालीन काव्य और सूरदास
सूरदास का भ्रमरगीत
कामायनी (जयशंकर प्रसाद)
जयशंकर प्रसाद : परिचय
रामचरितमानस : अयोध्याकांड (गोस्वामी तुलसीदास)
गोस्वामी तुलसीदास : परिचय
तुलसी के राम
रामचरितमानस की लोकप्रियता
भारत-भारती (मैथिलीशरण गुप्त)
भारत-भारती : मूल संवेदना
भारत-भारती : राष्ट्रीय-सांस्कृतिक चेतना
कवितावली
कवितावली उत्तरकाण्ड : युगबोध/युगीन यथार्थ
कवितावलीः प्रबँधात्मक या मुक्तक काव्य
कितनी नावों में कितनी बार
(सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्